जेवर एयरपोर्ट होगा बहुत खास , रनवे होगा देश में सबसे बड़ा

 ग्रेटर नोएडा।  जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अब छह रनवे का बनाया जाएगा। प्रथम चरण में दो रनवे का निर्माण 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शेष चार रनवे का निर्माण दूसरे व तीसरे चरण में होगा। यमुना प्राधिकरण बोर्ड ने एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी देते हुए प्रदेश सरकार के फैसले को स्वीकार कर लिया। पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा एयरपोर्ट को भारत और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट (छह रनवे) बनाने की घोषणा की थी। देश में फिलहाल तीन रनवे का एयरपोर्ट संचालित है।



इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीन किमी के दायरे में एक और नया शहर बसाने की तैयारी भी है, जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण बोर्ड ने इसे मंजूरी देते हुए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि एयरपोर्ट के लिए यमुना प्राधिकरण और जिला प्रशासन 1334 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कर प्रदेश सरकार को सौंप चुके हैं। एयरपोर्ट के निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। स्विटजरलैंड की कंपनी ज्यूरिख इसका निर्माण करेगी। सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। अब सिर्फ एयरपोर्ट का शिलान्यास होना बाकी है। संभावना है कि मार्च में कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट के निर्माण की आधारशिला रख सकते हैं। शनिवार को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड हुई। प्राधिकरण सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्रथम चरण का निर्माण पूरा होने के बाद दूसरे चरण के लिए करीब तीन हजार हेक्टेयर भूमि और अधिगृहीत की जाएगी।


जेवर में एयरपोर्ट के तीन किमी के दायरे में बसेगी स्मार्ट सिटी



जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीन किलोमीटर के दायरे में एक और नया शहर बसेगा। इसको स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी जनसुविधाएं से लैस यह देश के पांच स्मार्ट सिटी में से एक होगा। प्राधिकरण. .बोर्ड ने. इसे. मंजूरी. देते हुए. विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर.) तैयार. करने. के निर्देश दिए हैं। डीपीआर. तैयार होने. के बाद. जमीन अधिग्रहण. की कार्रवाई की जाएगी।


बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए यमुना प्राधिकरण सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि देश में पांच स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला पूर्व में केंद्र सरकार ने लिया था। प्रदेश सरकार ने एक स्मार्ट सिटी जेवर क्षेत्र में एयरपोर्ट के तीन किमी के दायरे में बसाई जाएगी। इसमें 50 फीसद क्षेत्रफल हरित रखा जाएगा। खुला क्षेत्र, चौड़ी सड़कें व बड़े-बड़े पार्क होंगे। शहर पूरी तरह ईकोफ्रेंडली होगा। परिवहन सेवाएं पूरी तरह से व्यवस्थित होंगी। इलेक्टिक वाहनों का प्रयोग होगा। शहर पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा। बड़े-बड़े शॉ¨पग मॉल बनाए जाएंगे। मनोरंजन के साधनों से भरपूर शहर की नाइट लाइफ भी अच्छी होगी, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को अच्छा माहौल मिल सके। बिजली, सीवर, पानी व टेलीफोन लाइन अंडर ग्राउंड होंगी। समूचे शहर में कोई भी लाइन अथवा बिजली के तार बाहर दिखाई नहीं देंगे। मंडी भी इसमें विकसित की जाएंगी। एयरपोर्ट के साथ मेट्रो व बस सेवा से समूचे शहर जुड़ेगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छह माह के अंदर इसकी डीपीआर तैयार हो जाएगी। यमुना प्राधिकरण केंद्र और प्रदेश सरकार की स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करेगा।


जेवर क्षेत्र में एयरपोर्ट बनने के बाद देश भर के लोग यहां आएंगे। यहां से वे दूसरे शहरों के लिए परिवहन सेवाएं लेंगे। ऐसे में लोकल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा। दिल्ली, नोएडा व ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर तक मेट्रो पहुंचेगी।