मेरठ। पश्चिमी उप्र पर भी कोरोना संक्रमण का साया मंडराने लगा है। सोमवार रात जहां अमेरिका से आई युवती को संदिग्ध मरीज मानते हुए भर्ती किया गया, वहीं मंगलवार देर रात दो बजे बुलंदशहर के युवक को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। दोनों में कोरोना के लक्षण उभरे हैं। हालांकि बीमारी की पुष्टि किसी में नहीं हुई है।
परिजनो के कहने पर किया भर्ती
सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि महिला अमेरिका से आई थी, जिसमें खांसी, बुखार व अन्य लक्षण हैं। परिजनों के कहने पर उसे तीन दिन पहले संदिग्ध मरीजों के वार्ड में रखा गया है। वहीं, मंगलवार देर रात करीब दो बजे बुलंदशहर की एंबुलेंस से एक युवक को मेडिकल कालेज लाया गया। आउटब्रेक रिस्पांस टीम ने युवक को तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। मेडिकल कालेज की माइक्रोबायोलोजी विभाग की टीम बुधवार को इस युवक का सैंपल जांच के लिए नई दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब भेजेगी। युवक जयपुर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। ये चंद दिनों पहले बुलंदशहर आया, जहां खांसी, बुखार और कफ की शिकायत बढऩे लगी।
अभी दोनों मरीजों की स्थिति समान्य
परिजनों ने बताया कि युवक के संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने की आशंका है। कोरोना वार्ड के नोडल अधिकारी डा. टीवीएस आर्य का कहना है कि दोनों की स्थिति सामान्य है। संदिग्ध मरीजों के लिए 40 बेड के वार्ड में भर्ती किया गया है। महिला की जांच रिपोर्ट बुधवार को जारी होगी। उधर, युवक को जांच रिपोर्ट आने तक यानी अगले 72 घंटे तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। कोरोना वार्ड में आक्सीजन आपूर्ति दुरुस्त करने के साथ ही आठ नए वेंटीलेटरों का भी बंदोबस्त किया गया है। अगर किसी में कोरोना वायरस की पुष्टि होगी तो उसे 40 बेडों के अलग वार्ड में भर्ती किया जाएगा। मेडिकल कालेज में 110 बेडों की व्यवस्था की जा चुकी है, जिसे आवश्यकता पडऩे पर दो सौ बेड तक बढ़ाया जाएगा।